How to Learn the C Programming Language : सी प्रोग्रामिंग भाषा कैसे सीखें

अगर आप programming language सीखने के बारे में काफी time से सोच रही है। लेकिन इतनी सारी available language आपको confuse कर रही है और आप समझ नहीं पा रहे कि आप कोई decision आपके career के लिए सही रहेगा या नहीं तो आपको इसकी फिकर करने की जरूरत नहीं है क्योंकि आज हम आपको बताने वाले हैं। किसी programming language सीखकर आप अपने career को construction में ले जा सकते हैं कि language में यूजफुल है या नहीं। इसे सीखने से क्या बेनिफिट्स मिल सकते हैं और सी programming language को जल्दी सीखने के लिए आप कौन सी स्टेप strategy follow करने की जरूरत है, इसलिए अपनी सारी फिक्र छोड़ दीजिए और थोड़ी फुर्सत निकाल कर इस Blogको पूरा जरूर पढ़े।


तो चलिए शुरू करते हैं और सबसे पहले ये जान लेते हैं कि अगर आप सॉफ्टवेयर डेवलपर बनना चाहते हैं या फिर कंप्यूटर प्रोग्रामर बनने के लिए एक्साइटेड हैं तो ढेर सारी programming language में से जो language Most Universal and Beneficial भी वो ऐसी programming language। यह language भले ही लगभग 50 साल पुरानी है लेकिन फिर भी मोस्ट पॉपुलर और हाईली रिकग्नाइज्ड programming languageेज में शामिल बनी हुई है। ये language Popular होने के साथ वर्सटाइल भी है तभी तो इसका यूज बहुत सारे Applications में हुआ करता है। यानी इसका यूज Operating System के कोड लिखने के लिए भी किया जा सकता है और बहुत कॉम्प्लेक्स प्रोग्राम्स लिखने में भी ये यूज होती है। ये language सीखने के बाद In working of computer systems को समझ पाएंगे। यानी एक successful programming career बनाने के लिए सी language बहुत ही प्रोवाइड कराती है क्योंकि इसके जरिए आप ओपन सोर्स प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकते हैं और ज्यादातर high level programming language इसी के साथ फेस कर सकती हैं। जैसे JavaScript, python और जावा इसे programming language में से एक कहा जा सकता है कि किसी की नॉलेज लेने के बाद आपके लिए ऐसी दूसरी programming language सीख पाना आसान हो जाएगा, जो सही language का यूज करती है जैसे जावा और सी++ एक प्रसिद्ध programming language है जिसे Unix operating system्स के लिए डेवलप किया गया था, लेकिन इसके पास बहुत से कम्पाइलर हैं, जिसकी बदौलत इसे लगभग सभी हार्डवेयर, प्लैटफॉर्म्स और operating system्स पर यूज किया जा सकता है। अगर इस language के मेन फीचर जानना चाहते हैं तो आपको बता दें कि

  • low level access to memory
  • simple set of keywords
  • clean style

तीन ही ऐसे Features हैं जो इसे operating system और कम्पाइलर डेवलपमेंट के लिए सूटेबल बनाते हैं। एक मल्टी लेवल language है यानी इसमें लो लेवल और हाई लेवल languageेस के फंक्शंस कंबाइन हैं। प्रोग्राम किसी भी operating system पर लिखा जा सकता है। ज्यादातर स्मार्टफोन्स और टैबलेट में भी सीरी बेस्ड operating system मौजूद है। इसमें इनबिल्ट प्रमोशंस और अपडेट्स हैं जिनका यूज करके हर तरह की कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम्स को सॉल्व किया जा सकता है। यह एक्सपेंडेबल भी है और इसका execution time भी बहुत ही फास्ट है। इस language का यूज एम्बेडेड सिस्टम्स सिस्टम ऐप्लिकेशंस, डेक्सटॉप Applications, अडोबी अप्लीकेशंस ब्राउजर्स और उनके डिफरेंट एक्सटेंशन्स के डेवलपमेंट में operating system के डेवलपमेंट में माय एसक्यूएल जैसे डेटाबेस के डेवलपमेंट में यूज होता है। इस programming language की एफिशिएंसी और अच्छी परफॉर्मेंस से कॉम्प्लेक्सिटी, डेटा मैनिपुलेशन जैसे डेटा बेसिस और थ्री डी एनिमेशन के लिए एक्सीलेंट च्वॉइस बनाती है और जो परफॉर्मेंस की प्रायरिटी दी जाती है, उसी language को बीट करना आज भी एक मुश्किल टास्क है। इसलिए C programming language

कल भी थी। आज भी है और सॉफ्टवेयर के बहुत से एरियाज के लिए फ्यूचर भी है। इसलिए तो बहुत सी programming language के बीच भी ये language एक्टिव बनी हुई है और आगे लॉन्ग time तक ये इसी तरह एक्टिव रहने वाली है। इसलिए अभी जो लेना बेहतर होगा के विकल्प के तौर पर programming language को सीखते समय कौनसी strategy फॉलो की जाए ताकि इसे समझना और यूज करना आसान हो सके और फास्ट भी तो चलिए जोड़ लेते हैं। स्पेसिफिक टैक्स के बारे में 


नंबर 1

सबसे पहले फंडामेंटल्स को समझने सी language करें जो समझने के लिए जरूरी है कि आप इसके फंडामेंटल्स को इग्नोर करने की बजाए सबसे पहले उनके बारे में ही जानें जैसे language का ओरिजन पिंच और अप्लीकेशंस का कैप्स language से फ्रेंडली हो पाएं और इसमें आगे लर्निंग आसान हो सके। 


नंबर 3

पर हैं वेरिएबल डेटा टाइप और अपडेट्स के बारे में जानिए programming language लॉन्चिंग के दौरान आपको इसके वेरिएबल के बारे में जानना होगा। यह समझना होगा कि डेटा बाइट्स को कैसे और स्टोर किया जाए। लॉजिकल और आर्टिकल ऑपरेशंस यानी ऑपरेटर्स को कैसे काम किया जाए। आपरेटर्स कितने टाइप्स के होते हैं एक्सट्रा क्योंकि ये programming language के बेसिक्स होते हैं।


नंबर 3

कंट्रोल फ्लोर स्टेटमेंट्स को समझिए प्रोग्राम एग्जिक्यूशन के फ्लो को कंट्रोल करने वाला प्रोसेस कौन सा है कंट्रोल स्टेटमेंट्स क्या है और उन्हें इम्प्लिमेंट कैसे किया जाए। आपको ये सब जान लेना है और कंडीशनल स्टेटमेंट लोड जॉब्स स्टेटमेंट्स इस सारे टॉपिक्स के समझने के बाद इम्प्लीमेंट करना और programming क्वेश्चन सॉल्व करना भी इसी टैब में आएगा। 


नंबर 4 

कौन सी language के फंक्शन से फैमिलियर होना फंक्शन जो है वो कोड का गाइड ब्लॉक होता है जो स्पेसिफिक टास्क को परफॉर्म करता है और फंक्शंस को programming language का पिलर भी कहा जाता है। इसलिए आपको योगर्ट स्टैंडर्ड लाइब्रेरी, फंक्शंस फंक्शन टाइप्स, फंक्शन कॉलिंग ect. को समझना होगा। 


इनके अलावा ऐरे स्ट्रिंग हैंडलिंग की लोडिंग भी बहुत जरूरी है। इसके बाद आपको पॉइंट्स स्ट्रक्चर यूनियंस डायनेमिक मेमरी, एलोकेशन, प्लेइंग, लेफ्ट वाई, मैनेजमेंट और प्रोसीजर्स की लर्निंग भी करनी होगी जो कि आपको सिविल language लर्निंग प्रोसेस में। वे चले जाएंगे और इनकी peer understanding ही अब उसी से फैमिलियर बनाएगी और आखिरी language को सीखना बहुत आसान हो जाएगा। इस सारे स्टेप्स को programming language लर्निंग प्रोसेस से फॉलो करने होंगे। चाहे आप सेल्फ स्टडी ऑप्शन चूज करें या फॉर्मल डिग्री लें। ये बहुत जरूरी है। अब ऐसे में थोड़ा स्पेसिफिक होकर बात करें तो आप सेल्फ स्टडी का ऑप्शन चूज करें तो आप सी programming बुक्स की हेल्प ले सकते हैं। जैसे ग्रैग पैरी एंडी मिलर के सी programming, आप सेल्यूट डिजाइनर्स गाइड, बेन डब्ल्यू, रंगन, किसी programming language, सेकंड एडिशन और डेविड के हेड पोस्ट सी ब्रेन फ्रेंडली गाइड उसके पॉल्यूशन कोडिंग कम्यूनिटी से भी हेल्प ले सकते हैं। ऑनलाइन अवेलेबल कोडिंग चैलेंज इसमें पार्टिसिपेट कर सकते हैं। पोलिंग प्रोसेस ज्वाइन कर सकते हैं। जैसे के यूटीवी का programming मास्टर द बेसिक्स, इटली का कुछ स्टार्ट गाय पॉलिसी programming और कोर्सेरा का इंट्रोडक्शन टू programming इन सी और यूटय़ूब तो आपकी हेल्प के लिए हमेशा अवेलेबल है ही और अगली एजुकेशन लेना चाहते हैं ताकि लार्ज इंटरप्राइजेस में अपना career शुरू कर सकें तो फिर आपको कंप्यूटर programming या फिर इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री लेनी चाहिए। जिसके बाद मास्टर्स करें तो आपके career को अच्छे खासे पहुंच मिल सकती है और सी programming में सर्टिफिकेशन

करने से सी language पर आपकी कमांड तो बनेगी ही आपके डिजाइंड कंपनीज में एम्प्लॉयर्स का इम्प्रेशन भी काफी स्ट्रॉन्ग बनेगा। इसका मतलब तो समझ ही गए होंगे क्योंकि डिजाइन जॉब मिलने के चान्सेस भी काफी बढ़ जाएंगे और अब इतना कुछ जान लेने के बाद कि सेल्फ स्टडी के दौरान आप कैसे अच्छी प्लानिंग कर सकते हैं और कैसे फॉर्मल एजुकेशन ले सकते हैं। अब बारी सबसे शूटिंग पॉइंट की है जो कहता है कि आपको प्रैक्टिस करनी होगी। बहुत सारी बातें रेगुलर प्रैक्टिस और हर बार बेहतर परफॉमेंस के इरादे से प्रैक्टिस क्योंकि programming वैसे लोडिंग है जिसे करके ही सीखा जा सकता है। इसलिए प्रैक्टिस करते रहिये इंडिपेंडेंट से प्रोजेक्ट्स बनाइए। छोटे छोटे प्रयास से शुरुआत करें। अगर आप अपने किसी दोस्त या फैमिली मेंबर को ये language टेस्ट कर सकते हैं। पढ़ा सकते हैं तो कीजिए क्योंकि जितनी ज्यादा प्रैक्टिस उतनी ज्यादा मासट्री एफिशियंसी और एक्सिलेंस इसलिए मोटा मामला ऐसा है कि आपको जिस भी तरीके से programming language सीखने का मन हो। वैसे सीखिए लोगों को सिखाकर अपने आप को सिखाकर बार बार प्रैक्टिस करके जिस किसी भी तरीके से लेकिन तभी सीखे जब आपका मन हो बिना मन के यू can't perform बिना परफॉमेंस के कुछ नहीं है। दोस्तो कोई भी अगर तोड़ एनकरेज कर पाया हो। programming language को सीरियसली लौटाने करने के लिए सी language के बारे में Basic important input आपके साथ शेयर कर पाया हो।


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