What are Different Types of Sensors in a Smartphone : स्मार्टफोन में विभिन्न प्रकार के सेंसर क्या हैं

क्या आप Census के बारे में जानते हैं? हां, वही Census जिन्हें बचपन से यूज़ कर रहे हैं और किताबों में उसके बारे में आप पढ़ते भी आए हैं। यानी देखना सुनना, स्मैल लेना टच करना और टेस्ट लेना ये सब हमारी बॉडी के फाइव सेंसर आर्गन्स हैं। 


हालांकि के इसके अलावा भी कई सारे Census पता चल चुके हैं। जैसे सेंस off heat, radiation sensitive, Peeling Sensors etc. और इन सारे Sensors की हेल्प से हमारी बॉडी बहुत अच्छी तरीके से काम करती है तो कुछ ऐसा ही आपके प्यारे smartphone में भी होता है। 

यानी उसमें भी ऐसे बहुत सारे Sensors मौजूद होते हैं जिनके जरिए वो शानदार परफॉमेंस देता है और ये सेंसर एक फोन को स्मार्ट बनाने में अपना Contribution देते हैं। हैना कमाल की बात तो बताइए क्या आप भी जानना चाहते हैं? smartphone के इन Sensors के बारे में हां बिल्कुल जानना चाहते होंगे क्योंकि आपके लिए भी तो smart phone एक स्मार्ट दोस्त बन चुका है, जिसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जान लेना चाहते हैं। चलिए आगे बढ़ते हैं। 


1 Fingerprint sensor

इस smartphone का फेमस सेंसर शायद फिंगरप्रिंट सेंसर ही है जो smartphone के रजिस्टर्ड यूजर के आईडी को वेरिफाई करता है। इस सेंसर के जरिये smartphone को अनलॉक करते हैं और ऑनलाइन मनी ट्रांजैक्शंस में भी ये बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन मैथड यूज होता है। हालांकि ज्यादातर एंट्री लेवल smartphoneमें ये Sensors नहीं मिलते हैं और मीडियम रेंज स्मार्टफोन्स में अच्छे फिंगरप्रिंट सेंसर या स्कैनर्स मिल जाते हैं। 


2. Iris scanner

पर आता है आइरिस स्कैनर फोन को अनलॉक करने के लिए केवल फिंगरप्रिंट ही क्यों आखों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है और इसके लिए यूज होने वाला सेंसर आइरिस स्कैनर कहलाता है जो कि ऐसी हार्मलेस इन्फ्रारेड लाइट आपकी आँखों पर डालता है जो कि आइरिस के पार्टन को स्कैन करता है और फिर आपके फोन को अनलॉक करता है क्योंकि दो लोगों के फिंगरप्रिंट भी सेम नहीं हो सकती तो आईरिस भी सेम नहीं हो सकती। 


3. Facial recognition

फेशियल रेकग्निशन आपका फोन इतना प्रेशियस होता है। इतना कीमती होता है कि उसे सिक्योर रखने के लिए उसमें ऐसे कई सारे फीचर्स और Sensors दिए जाते हैं, जिनमें से बेस्ट चूज करके आप अपने फोन को सिक्योर रख सकते हैं और ऐसा ही एक और सेंसर है। फेशियल रिकग्निशन सेंसर जो कि ऐसा सॉफ्टवेयर है जो के पेज को देखकर उसके कंस्ट्रक्शन को एनालाइज करता है और जो भी रजिस्टर्ड यूजर पेज से मैच हो जाता है तो फोन को अनलॉक कर देता है। वैसे तो लीड सिक्योर बायोमेट्रिक सेंसर माना जाता है, इसलिए आप इसका यूज सोच समझ करके ही करें। 


4. Ambient light sensor

पर आता है एंबियंट लाइट सेंसर ये सेंसर आपको ज्यादातर स्मार्टफोन्स में मिल जाएगा और ये सेंसर करता क्या है ये सेंसर आपके एनवायरमेंट के लाइटनिंग कंडिशन्स को एनालाइज करता है और इसके अकॉर्डिंग फोन स्क्रीन की ब्राइटनेस को अजस्ट करता 

ताकि आपका व्यूइंग एक्सपीरियंस अच्छा रहे और फोटो क्लिक करते साइट और ऑटो वाइड बैलेंस भी बन सके, जिससे कि पिक्चर अच्छी आए।


5. Proximity sensor

 प्रॉक्सिमिटी सेंसर जब फोन को कान के पास रखते है यानी जब आप कॉल पर होते हैं तो प्रॉक्सिमिटी सेंसर से डिटेक्ट करता है और डिस्प्ले को ऑफ कर देता है ताकि कॉल के दौरान कीपैड प्रेस ना हो जाए और बैटरी कंजप्शन भी ज्यादा ना हो और जैसे फोन को अपने काम से दूर करते हैं। वैसे ही स्क्रीन डिस्प्ले फिर से ओन हो जाता है और फिर आप जैसे चाहे अपने स्मार्टफोन को यूज कर सकते हैं ।


6. Accelerometer

एक्सेलेरोमीटर इस smartphone के मोमेंट को आइडेंटिफाई करने वाला सेंसर एक्सेलेरोमीटर होता है, जो फोन के वाइब्रेशन टिल्ट और एक्सलरेशन को एनालाइज करता है ताकि फोन की एग्जेक्ट, पोजीशन ओरियंटेशन और मोमेंट पता चल सके। 


7. Gyroscope accelerometer

 जायरोस्कोप एक्सेलेरोमीटर का एडवांस वर्शन हम से कह सकते हैं। जायरोस्कोप को जो एक्सेलेरोमीटर के साथ मिलकर के मूवमेंट को एक एक्सजेक्ट डिग्री में कैलकुलेट भी करता है। यानी केवल राइट लेफ्ट अप डाउन मोशन को ही सेंस नहीं करता है, बल्कि रोल और मोशंस को भी डिटेक्ट करता है। यह सेंसर कार रेसिंग जैसे मोशन सेंसिटिव गेम्स के लिए यूजफुल रहते हैं और मोबाइल कैमरा से पारिश्रमिक शॉट लेने में भी ये यूज होते हैं।


8. Magneto meter

मैग्नेटो मीटर जवाब गूगल मैप्स जैसे नेविगेशन सॉफ्टवेयर का यूज कर रहे होते हैं तो सा नॉर्थ है और कौनसे रिएक्शन में मैप होना चाहिए। ये सब पता लगाने का काम मैग्नेटो मीटर का होता है जो दूसरे Sensors के साथ मिलकर फोन के फिजिकल स्पेस जैसे एक्सेलेरोमीटर और जीपीएस का पता लगाते हैं। 


9. Altimeter meter 

हाई एल्टीट्यूड आउटडोर एक्टिविटीज एन्जॉय करने वाले स्मार्टफोन यूजर्स के फोन में ये सेंसर तो होना ही चाहिए, क्योंकि हाइकिंग माउंटेन बाइकिंग और स्कीइंग जैसी एक्टिविटीज के दौरान सी लेवल से हाइट को मेजर करता है। इसी तरह स्मार्टफोन्स में बैरोमीटर और डेप्थ सेंसर भी हुआ करते हैं। बैरोमीटर के आसपास के एटमोस्फेरिक प्रेशर के बारे में बताता है। तो डेप्थ सेंसर एनवायरमेंट का थ्रीडी डायमेंशनल मैप टैक्स मैप बनाने का काम करता है और बात है


10. Sound sensor

साउंड सेंसर, हर smartphone में जो माइक्रोफोन आता है वो साउंड सेंसर ही होता है और जैसे ही कोई साउंड क्रिएट होता है। उसके आसपास की एक्स पार्ट और कांट्रैक्ट होती है, जिससे वेव्स बनती हैं। इन वेव्स को माइक्रोफोन डिटेक्ट करता है और इसे साउंड में कन्वर्ट कर देता है, जिसे स्पीकर के थ्रू सुनते हैं।


11. Image sensor

इमेज सेंसर तो मोबाइल कैमरे का एसेंशियल पार्ट ही होता है। इसलिए smartphone इसका होना तो बहुत ही जरूरी है। ये सेंसर लाइट को कैप्चर करता है और उससे इमेज क्रिएट करता है। ये मिलियन फ्लाइट फोटो साइट्स यानि पिक्सल से बना होता है और आगे बढ़ते हैं। 


12. GPS

जीपीएस आज के दौर में अगर अनजान रास्तों पर लगता है कि जीपीएस है तो सफर मुमकिन है तो वो इसलिए क्योंकि जीपीएस यानी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम टेक्नोलॉजी सैटेलाइट से सिग्नल लेकर के ये बताता है कि वो भी कहां पर है या कहां ट्राई कर रहे हैं। ये जीपीएस फोन डेटा का यूज नहीं करता बल्कि बैटरी पर जोर डालता है। इसीलिए तो ज्यादातर बैटरी सेविंग गाइड चैंपियंस को आफ करना रिकमंड करते हैं और 


13. Touch Screen sensor

 टच स्क्रीन स्मार्टफोन्स के मोस्ट यूज्ड Sensors में टचस्क्रीन सेंसर शामिल है और स्मार्ट में कपैसिटिव टचस्क्रीन पाई जाती है। ये ह्यूमन है और स्मॉल वायर से बने होते हैं और जब आपका हाथ स्क्रीन को टच करता है। स्टिक सॉकेट कंप्लीट हो जाता है जो आपके टच को रजिस्टर करता है। अगर आपने ग्लव्स पहन रखे हैं तो टचस्क्रीन काम नहीं करेगा क्योंकि इस दौरान आपकी बॉडी से इलेक्ट्रिकल करंट डिस्प्ले के साथ कनेक्ट नहीं हो पाएगा और कैपेसिटिव टचस्क्रीन तो हाथों से मिलने वाले इलेक्ट्रिकल करंट से मिलने वाले टच को ही रजिस्टर करते हैं और सिटी स्मार्ट Sensors जो कि ज्यादातर मीडियम प्राइवेट smartphone में मिलते हैं और इन ग्लोबल स्मार्टफोन्स में ह्यूमिडिटी सेंसर, थर्मोमीटर, रेडिएशन सेंसर और हार्ट रेट सेंसर भी होते हैं जो कि कॉमन सेंसर तो नहीं होते हैं, लेकिन कुछ smartphone में जरूर पाए जाते हैं तो जिन स्मार्टफोन्स में ज्यादा Sensors होते हैं, वो भी हाई क्वॉलिटी के उन स्मार्टफोन्स की प्राइस भी ज्यादा ही हुआ करती है। जो कि नॉर्मल रेंज के स्मार्टफोन्स में मिनिमम Sensors तो मिलते ही है जो कि उसे एक एवरेज स्मार्टफोन बनाते हैं तो दूसरी तरफ आपके पास smartphone भी है और उसके Sensors की नॉलेज भी। ऐसे में आपके लिए अपने उसी स्मार्टफोन को ज्यादा बेहतर तरीके से समझ पाना और यूज कर पाना काफी आसान और इंटरेस्टिंग हो जाएगा।

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